'आँखों के पलकारो में'
गुजर गए लम्हे यूही ,
कुछ आँखों के पलकरो में ,
कभी आंसु थे और कभी खुशिया,
इन्हीं कुछ आँखों के पलकरो में,
न जाने कैसे क्या हुआ अब भी फ़िसलते जा रहे हे ,
इन्हीं कुछ आँखो के पलकारो में,
साल बीत गए और अब भी सालो बिताने हे
इन्ही कुछ आँखों के पलकारो में ।।।
---pathu
#KAVYOTSAV