#Kavyotsav - ' प्रेम '
' सुनहरा एहसास प्यार '
कुछ अनजाना, अनबूझा,
सिमटने को तत्पर, छुई-मुई सा,
अर्थात प्रकृति के करीब।
किसी मंदिर में भगवान सा
पूज्य, पवित्र और शान्त,
यानी अर्पण की गरिमा युक्त।
या किसी मतवाले हाथी सा
मदिरा की तरह नशीला,
यानि उन्मत्त करने वाला।
वह जो मुझमें है और तुममें है
और है उन सब में,
जो मानवता और प्रकृति के
बहुत ही करीब हैं,
एक सुनहरा एहसास - ' प्यार '
नीलिमा कुमार