जिस बुराई में तु मुझे याद करें
उस बुराई मैं, बुराई कया हैं ।
अवगुण मैं भी याद करें
तो वो भी अवगुण कया हैं ।
वो बुराई कया हैं। वो अवगुण कया हैं ।
कम से कम तु याद तो करें ।
दुनिया जाती हैं मंदिरों में, हजारों लाखों की भीड़ होती है।
सब की एक ही इच्छा होती है कि बस उसे देखलु।बस उसका दर्शन करलु।
पर कोई एकाद भक्त कहेंता की काश वो मुझे देख ले ।
एक बार उसकी नजर मुझ पर पड़े ।