#Kavyotsav
••• रिश्ते •••
बात थोड़ी पुरानी है
जब मैं
नई नई कद में
माँ के कान्धे बराबर पहुँची थी।
उनकी
वो टटोलती नजरें,
कुछ अनकहे प्रश्न
या मासूम सा शक,
मुझे आँचल में छुपा लेने की
वह नाकाम कोशिश
या रातों की उड़ी नींद।
तब
कुछ सवाल थे उनसे
जिनके जवाब अब मिले हैं,
जब
मेरी बेटी
मेरे कांधे बराबर आ पहुँची है।
नीलिमा कुमार