#kavyotsav
कैसी है यह कटुता ?
कैसी है यह कटुता,
कैसा यह विधि-लिखित ?
सहज सम्बन्ध बन जाएँ भूल
होकर अस्वीकृत ।
पराशर और मत्स्यगन्धा
कर बैठे क्या भूल ?
वेद व्यास – सा समर्थ पुत्र
पाए कलंक-शूल !
महाभारत के बो गया बीज,
उनका प्रेम अविवाहित ।
सहज सम्बन्ध बन जाएँ भूल
होकर अस्वीकृत ।
शकुंतला-सुत भरत यशस्वी
देश कहलाया भारत ।
शकुंतला को कर गई अनाथ,
मात-पिता की भग्न चाहत ।
ब्रह्मर्षि ने त्यागा पत्नी को
प्रेम हुआ लज्जित !
सहज सम्बन्ध बन जाएँ भूल
होकर अस्वीकृत ।
कैसी है यह कटुता,
कैसा यह विधि-लिखित ?
सहज सम्बन्ध बन जाएँ भूल
होकर अस्वीकृत ।