#Kavyotsav
ताना-बाना
कुछ बुना, कुछ बुनते, बुनता गया,
जिंदगी का ताना-बाना..!
कुछ रंगा, कुछ रंगते, रंगता गया,
जिंदगी का ताना-बाना..!!
कुछ छुआ, कुछ छूते, छूता गया,
जिंदगी का ताना-बाना..!
कुछ पिघला, कुछ पिघलते, पिघलता गया,
जिंदगी का ताना-बाना..!!
पिघला मेरा अहंकार, छुआ तेरा मन..!
रंगा मेरा कैनवास, बुना तेरा सपन..!!
बस यूँ ही चलता चला...
जिंदगी का ताना-बाना...
मेरी जिंदगी का ताना-बाना...!!!