#kavyotsav #love #pyaar
Aaj bhi hai.....
दो पल की दास्ताँ थी हमारी,
पर लगती क्यों सदियों से भी लम्बी है ।
गुम सुम रहते है उधर वो भी
और खोये खोये यहाँ हम भी है ।
बिताये थे चंद लमहें साथ जो,
यादें हर पल की सताती आज भी है ।
रब की न जाने मर्ज़ी थी क्या,
ये सोचकर हैरान हम आज भी है ।
चुराई थी कुछ मुस्कुराहटें ,
उनकी खिलखिलाहट कानो में आज भी है ।
थामा था हाथ जो भरोसा करके,
उनकी खुशबु ज़ुल्फ़ों में आज भी है ।
जुदा होना शायद मंज़ूर था किस्मत को ,
दिन रात दुआओं में नाम उनका आज भी है । ज़िन्दगी में कही किसी मोड़ पर मिलेंगे ज़रूर,
दिल में उम्मीद, ये आस, आज भी है ।