अकेला
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जब अकेला होता है यह दिल
कोई भी रास नही आता है उसे
बेला शाम की हो भीड भरी सही
तन्हाइयों मे ही बहल जाता है दिल ।
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अरुण वि. देशपांडे-पुणे
9850177342
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