जिदंगी की रेस में------
बेटी हर रोज हमउम्र बच्चों के साथ रेस लगाती । ....और हार जाती । बार-बार पीछे रह जाने से तंग आकर एक दिन उसने कहा कि अब उसे कभी रेस नहीं लगानी । मैंने कहा "बेटा, अब से तुम अकेली दौड़ना ।" तब से मेरी बेटी अकेली दौड़ती है और हर बार जीत जाती है ।