कविता - प्यार ही प्यार
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बैठा हुं दिल को साथ लिए
एक आस सी दिले मी लगाये
झुकी नजर उठे जब तुम्हारी
नजर आए प्यार मेरे लिए ||
कयू करती हो तुम यह सब
कोशिशे जो हो नाकाम हमेशा
जुबां पर तो नही आता कभी
वो कह देती हो नजर से हमेशा ||
मौसम बहारो का आनेवाला है
गीत प्यार का दिल गानेवाला है
अकेलेपन की सझा क्यू सहे अब
हमे तो अब साथ साथ चलना है ||
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कविता - प्यार ही प्यार
-अरुण वि.देशपांडे -पुणे.
9850177342
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