बहुत पूजा पाठ के चक्कर में नहीं पढ़िये,अपने कर्म सही रखिए किसी भी पूजा पाठ को जरूरत नहीं होगी कर्म सही होंगे तो मन में शांति रहेगी कितनी भी विपदा होगी कर्म नहीं सही होंगे तो सब सुख होने के बाद भी शांति नहीं होगी , मैं बहुत लोगों को देखता हूं बाहर ऐसा आडंबर बनाए घूमते कि कितने सज्जन कितने सही है और घर आते ही बच्चों पत्नी पर अत्याचार शुरू कर देते