जो मुस्कुरा रहा है उसे दर्द ने पाला होगा,
जो चल रहा है उसके पाँव में ज़रूर छाला होगा।
बिना संघर्ष के चमक नहीं मिलती इस महफ़िल में,
जो दीया जल रहा है, उसी से तो उजाला होगा।मंजिल मिले न मिले ये तो मुकद्दर की बात है,
पर हम कोशिश भी न करें, ये तो गलत बात है!
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