🌹 " आज़माकर तो देखो " 🌹
तुम भी ज़रा आज मुस्कुराकर तो देखो,
इस नाचीज़ से दिल लगाकर तो देखो।
तुमको हम अपना सारा जहाँ बना लेंगे,
पहले ज़रा तुम पास आकर तो देखो।
कई रंजिशें मिली होंगी तुम्हें ज़माने से,
इक बार हमें भी आज़माकर तो देखो।
अश्कों से नाता तुम्हारा छुड़ा देंगे हम,
हमको तुम आज अपनाकर तो देखो।
ज़ुल्मत घिरी है जो तुम्हारी राहों में,
इश्क़ का इक दीया जलाकर तो देखो।
भटकने न देंगे तुम्हें चाहतों के सफ़र में,
हमारी वफ़ा पे दांव लगाकर तो देखो।
बाहों में सिमट जाएगी दुनिया, ऐ 'व्योम',
ज़रा सी मोहब्बत तुम बढ़ाकर तो देखो।
✍...© विनोद. मो. सोलंकी " व्योम "
जेटको (GEB) अंजार. मु. रापर