कविता: "सपनों की उड़ान"
हर सुबह जब सूरज उगता है,
आसमान नया संदेश कहता है।
मत डर अंधेरों की राहों से,
हर रात के बाद सवेरा रहता है।
सपने केवल आँखों में नहीं,
दिल की धड़कनों में पलते हैं।
जो गिरकर फिर से उठ जाते हैं,
वही इतिहास बदलते हैं।
हवाएँ अक्सर रोकती हैं,
रास्ते काँटों से भर जाते हैं।
लेकिन जिनके हौसले ज़िंदा हों,
वो मंज़िल तक पहुँच ही जाते हैं।
एक छोटा-सा दीपक भी,
अंधेरों से लड़ जाता है।
उम्मीद की एक किरण ही,
जीवन बदल जाती है।
कभी अपनों ने ठुकराया,
कभी गैरों ने हँसकर देखा।
फिर भी जिसने हार न मानी,
उसने ही सफलता को लेखा।
नदियाँ रुकना नहीं जानतीं,
पहाड़ों से टकराती हैं।
हर मुश्किल को पार करके,
समंदर तक पहुँच जाती हैं।
पंछी उड़ना सीखते हैं,
गिरकर सौ बार ज़मीन पर।
फिर एक दिन वही उड़ते हैं,
नीले खुले आसमान पर।
जीवन एक सुंदर पुस्तक है,
हर दिन जिसका नया अध्याय।
कुछ पन्ने आँसुओं से भीगे,
कुछ में खुशियों की परछाई।
फूल हमेशा मुस्काते हैं,
चाहे धूप हो या बारिश।
वो सिखाते हैं हर इंसान को,
मुस्कान ही सबसे बड़ी वारिस।
समय कभी रुकता नहीं,
घड़ी की सुइयाँ चलती रहती हैं।
जो हर पल का मान रखते हैं,
उनकी मंज़िलें सजती रहती हैं।
अपने भीतर झाँककर देखो,
एक पूरा ब्रह्मांड बसा है।
तुम्हारी हिम्मत, तुम्हारी मेहनत,
सबसे बड़ा हीरा छुपा है।
मत पूछो किस्मत क्या लिखती है,
कल का उत्तर आज नहीं।
मेहनत की स्याही से लिख दो,
जो दुनिया ने लिखा नहीं।
अगर गिरो तो फिर उठ जाना,
आँसू को ताकत बना लेना।
हर हार को एक सबक समझ,
नई राह खुद बना लेना।
जब दुनिया कहे "तुम नहीं कर सकते",
तब मुस्कुराकर आगे बढ़ना।
अपनी पहचान खुद बनाना,
किसी और से मत डरना।
सपने कभी छोटे नहीं होते,
छोटी होती है सोच हमारी।
जो विश्वास की लौ जलाते हैं,
उनकी होती है जीत सारी।
एक दिन ऐसा भी आएगा,
जब दुनिया नाम पुकारेगी।
तुम्हारी मेहनत की हर बूंद,
सफलता बनकर निखरेगी।
इसलिए चलो, आज से ही,
अपने सपनों को पंख लगाएँ।
हर डर, हर बंधन तोड़कर,
नई दुनिया हम बनाएँ।
क्योंकि...
सपने देखने वाले बहुत मिलते हैं,
लेकिन सपनों को सच करने वाले ही इतिहास बनाते हैं। 🌸