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Anita S

Anita S

@anitasorte6489gmail.com190157
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#एक स्त्री 🥀

एक स्त्री चाहती हैं केवल प्रेम,
और ‎इस प्रेम के अनेक रूप हैं।

‎एक बेटी चाहती हैं परिवार से निस्वार्थ स्नेह...
‎एक बहन चाहती हैं भाई का संपूर्ण सानिध्य....
‎एक पत्नी चाहती हैं पति से उसका सदैव समर्पण....
‎एक बहु चाहती हैं, ससुराल में उसका सम्मान....
‎एक मां चाहती हैं, बच्चों से केवल ममत्व....

‎इस स्नेह, सानिध्य, सम्मान के बदले में न्योछावर है स्त्री का सम्पूर्ण जीवन, उसके सपने....सारी ख्वाहिशें .... और उसकी अपनी आज़ादी,

‎मायका देता है स्त्री को जन्म, परवरिश और संस्कार,
‎बिन मांगे मिलता है उपहारों में स्नेह, शिक्षा और लाड़ प्यार....

‎विवाह पर मिलता है श्रृंगार, उपहार और आशीष अपार,
‎पर मिलता है इससे अधिक ससुराल में अपेक्षाएं और इंतजार....

‎अंतिम क्षणों में अनंत सफर पर जाते वक्त वाट निहार रही होंगी,
‎पीहर से आने वाले उस अंतिम उपहार की, जिसे समाज शव वस्त्र कहता है....
‎प्रेम से धारण करती होगी वो उस शव वस्त्र को....
‎क्योंकि अंतिम क्षणों में भी स्त्री केवल प्रेम चाहती होगी केवल प्रेम चाहती होगी।।

‎मेरे_अल्फ़ाज✍️

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#कुछ एहसास 🥀

एक तड़प थी उन बातों में
‎जो तेरे दिल से निकलती थी,
‎यूंही नहीं तेरी तरफ खींचा चला जाता था ये दिल....

‎खोए रहते थे उन लफ्जों की गहराई में
‎जो महसूस मुझे होती थी,
‎यूंही नहीं हर एहसास तुझसे जुड़ते चले गए......

‎कुछ तो ख़लिश थी उन आंखों में,
‎जिस से हम नजर ना फेर सकें,
‎कोई तो छुपी डोर थी दोनों के दरमियां जो खींचती थी तेरी ओर....

‎हर आह पर तकती थीं ये अंखियां
‎उन रास्तों की ओर जिनमें से तेरा आना जाना होता था,
‎कभी तो लौट आओगे मेरी ओर यहीं इंतजार ये दिल
‎करता था.....

‎ As✍️

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