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#येइश्क 🥀
#एक स्त्री 🥀 एक स्त्री चाहती हैं केवल प्रेम, और इस प्रेम के अनेक रूप हैं। एक बेटी चाहती हैं परिवार से निस्वार्थ स्नेह... एक बहन चाहती हैं भाई का संपूर्ण सानिध्य.... एक पत्नी चाहती हैं पति से उसका सदैव समर्पण.... एक बहु चाहती हैं, ससुराल में उसका सम्मान.... एक मां चाहती हैं, बच्चों से केवल ममत्व.... इस स्नेह, सानिध्य, सम्मान के बदले में न्योछावर है स्त्री का सम्पूर्ण जीवन, उसके सपने....सारी ख्वाहिशें .... और उसकी अपनी आज़ादी, मायका देता है स्त्री को जन्म, परवरिश और संस्कार, बिन मांगे मिलता है उपहारों में स्नेह, शिक्षा और लाड़ प्यार.... विवाह पर मिलता है श्रृंगार, उपहार और आशीष अपार, पर मिलता है इससे अधिक ससुराल में अपेक्षाएं और इंतजार.... अंतिम क्षणों में अनंत सफर पर जाते वक्त वाट निहार रही होंगी, पीहर से आने वाले उस अंतिम उपहार की, जिसे समाज शव वस्त्र कहता है.... प्रेम से धारण करती होगी वो उस शव वस्त्र को.... क्योंकि अंतिम क्षणों में भी स्त्री केवल प्रेम चाहती होगी केवल प्रेम चाहती होगी।। मेरे_अल्फ़ाज✍️
#रिश्ते 🥀
#शायरी ✍️
#कुछ एहसास 🥀 एक तड़प थी उन बातों में जो तेरे दिल से निकलती थी, यूंही नहीं तेरी तरफ खींचा चला जाता था ये दिल.... खोए रहते थे उन लफ्जों की गहराई में जो महसूस मुझे होती थी, यूंही नहीं हर एहसास तुझसे जुड़ते चले गए...... कुछ तो ख़लिश थी उन आंखों में, जिस से हम नजर ना फेर सकें, कोई तो छुपी डोर थी दोनों के दरमियां जो खींचती थी तेरी ओर.... हर आह पर तकती थीं ये अंखियां उन रास्तों की ओर जिनमें से तेरा आना जाना होता था, कभी तो लौट आओगे मेरी ओर यहीं इंतजार ये दिल करता था..... As✍️
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