भाग 2
वह मूर्ति की आँखों में देखता रहा, जो सपाट और स्थिर थीं। उसे समय का होश ही नहीं रहा कि कब स्कूल की घंटी बजी। वह गेट के करीब पहुँचा, तो अंदर से असेंबली की आवाज़ आ रही थी। उसे प्रधानाध्यापक की चेतावनी याद आ गई। पूरा विद्यालय प्रिंसिपल के सख्त स्वभाव से परिचित था। चौकीदार ने छोटा फाटक खोला और कहा, "बड़े सर ने आपको बुलाया है।"
विशाल प्रिंसिपल रूम में पहुँचा। प्रिंसिपल ने पूछा, "आज आपका क्या बहाना है?" विशाल ने लड़खड़ाते हुए कहा कि उसके कपड़े भीग गए थे। यह सुनते ही प्रिंसिपल का रोष फूट पड़ा, "यह बहाना तो मैं बचपन में सुना करता था। और आपसे कितनी बार कहा है, शेव करवा कर आइए। बीवी चली गई तो चली गई, नौकरी मत जाने दीजिए।"
यह बात विशाल के दिमाग से ऐसे टकराई मानो किसी ने उसके चेहरे पर थप्पड़ जड़ दिया हो। उसने कहा, "आप मेरे निजी जीवन में दखल दे रहे हैं।" प्रिंसिपल ने उसे अंतिम चेतावनी देते हुए कहा, "अगली बार गलती हुई तो आप इस स्कूल से बाहर होंगे।"
वह भारी मन से बाहर निकल आया। स्टाफ रूम में वह साक्षी वसंत से मिला। विद्यालय में उसका सम्मान था। विशाल के लिए उसके दिल में कुछ तो था, जिसे वह न तो खोलना चाहती थी और न ही छुपा पा रही थी। विशाल के जाते ही साक्षी ने रजिस्टर में हस्ताक्षर किए।
क्लास में विशाल खोया-खोया रहा। दोपहर में कैंटीन में साक्षी ने उससे बात शुरू की।
"क्या आपको लंच नहीं करना?" उसने पूछा। बाद में चाय पीते हुए साक्षी ने कहा, "मम्मी चाहती हैं कि मैं दूसरी शादी कर लूँ।" विशाल ने ठंडे लहजे में कहा, "तो कर लो।" विशाल ने अपना दुख साझा करते हुए कहा कि उसे अपना जीवन बेरंग धागों सा लगता है। उसने पत्थर गिरने और वजूद तबाह होने की भयानक ख्वाइश भी जताई।
छुट्टी के बाद विशाल घर आया। शाम को साक्षी टिफिन लेकर उसके घर आई। अंदर आते ही उसने कमरे में शराब की गंध महसूस की। सच सामने आने पर विशाल फफक-फफक कर रो पड़ा।
उसने बताया कि कैसे उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई और अब वह मरी हुई ज़िंदगी जी रहा है। साक्षी ने उसे सांत्वना दी और अपना दुख भी साझा किया। उसने कहा, "तुम मेरी स्नेह को नहीं समझ पाए।" जाते-जाते जब विशाल ने उससे पूछा कि क्या जो उसने कहा वह सच है, तो साक्षी ने शर्माते हुए सहमति जता दी।
विशाल ने खिड़की-दरवाज़े बंद किए। आज वह सोने ही वाला था कि शराब के समय का अलार्म बजा। उसने मुस्कुराकर उस अलार्म को बंद किया और सुकून की नींद सो गया।