Quotes by Diksha mis kahani in Bitesapp read free

Diksha mis kahani

Diksha mis kahani

@dikshaparashar.699046
(175.9k)

कृष्ण मेरे भाई हैं… 🦚💙

इसीलिए शायद मेरी जिंदगी में
मुसीबतें भी आती हैं तो पहले से पता होता है—
भाई संभाल लेंगे…
बस पहले मेरी गलती पर हँसना बंद कर दें! 😂

और हाँ कान्हा,
माखन चुराना तुम्हारी आदत थी,
पर मेरा दिल चुराकर
अब वापस करने का कोई इरादा नहीं है। 😌💙

जन्माष्टमी पर बस इतना कहना है—
भाई, हमेशा मेरे साथ रहना। 🦚✨
#happyjanamashtami to my matrubharti family

Read More

“कृष्ण को पाने के लिए वृंदावन जाना ज़रूरी नहीं…
बस अपने मन से छल-कपट निकाल दो,
क्योंकि कान्हा वहीं जन्म लेते हैं,
जहाँ प्रेम सच्चा और हृदय साफ़ होता है। 🦚💙”
#happyjanamashtmi

Read More

जब कान्हा आएँगे 🦚💙

जब कान्हा आएँगे,
तो मन में फिर से उजाला होगा,
सूनी पड़ी उम्मीदों के आँगन में,
मुरली का मधुर निवाला होगा।

जहाँ दर्द ने घर बना लिया है,
वहाँ प्रेम की बारिश होगी,
जिस दिल ने हार मान ली है,
उसमें फिर जीने की ख्वाहिश होगी।

न मुकुट की चाह होगी,
न महलों का अभिमान,
बस अधरों पर मुस्कान होगी,
और हृदय में राधे-कृष्ण का नाम।

कान्हा से बस इतना कहना है—
“मेरे हिस्से में खुशियाँ कम ही सही,
पर जब भी मन टूटने लगे,
मेरी उँगली थाम लेना कहीं।”

क्योंकि कृष्ण का जन्म केवल
एक युग की कहानी नहीं…
वो हर उस दिल में जन्म लेते हैं,
जहाँ प्रेम अभी बाकी है। 💙

राधे राधे।
जय श्री कृष्ण। 🦚✨
Happy janmashtami to matrubharti family

Read More

💗 मेरे Matrubharti परिवार के नाम 💗

मेरे प्यारे Parahearts 🥹💗

आज दिल सच में बहुत ज़्यादा खुश है! 🥹✨
मेरी “हुक्म और हसरत” ने अपने सिर्फ़ 20 एपिसोड्स में 1 लाख+ Views और 60K+ Ratings पार कर लिए हैं! 🎉🔥

और ये सिर्फ़ मेरे लिए कोई नंबर नहीं हैं… ये आप सभी के प्यार, सपोर्ट और भरोसे का सबूत हैं। ❤️

जब मैंने हुक्म और हसरत लिखना शुरू किया था, तब मैंने नहीं सोचा था कि मेरी कहानी को इतना प्यार मिलेगा। लेकिन आप सभी ने हर एपिसोड को पढ़कर, रेट करके, अपना प्यार देकर मुझे लगातार लिखते रहने की हिम्मत दी।

हर view, हर rating, हर reaction और हर प्यार भरा message मेरे लिए बेहद खास है। 💗

मेरे Parahearts, आपने मेरी कहानी को सिर्फ़ पढ़ा नहीं…
आपने उसे अपना बनाया है। 🥺❤️

ये 1 लाख views और 60K ratings मेरी नहीं, हमारी achievement है।

बस ऐसे ही हुक्म और हसरत के साथ बने रहिए… क्योंकि कहानी अभी बहुत बाकी है! 👀🔥

दिल से शुक्रिया, मेरे Matrubharti परिवार।
आपका प्यार मेरी सबसे बड़ी motivation है। ❤️‍🩹

ढेर सारा प्यार,
आपकी Diksha 💗
#हुक्मऔरहसरत #Matrubharti #Parahearts #100KViews #60KRatings #ThankYou

Read More

कभी हवा से पूछना
कि तिरंगा इतना खूबसूरत क्यों है…

वो शायद धीरे से कहेगी—

“क्योंकि इसमें रंग कम,
कहानियाँ ज़्यादा हैं।” 🇮🇳

कुछ वीरों की,
कुछ अधूरे सपनों की,
कुछ कुर्बानियों की…

और एक पूरे हिंदुस्तान की। ❤️
#Independenceday
#bydiksha

Read More

तिरंगे से....

तू यूँ ही आसमान में लहराता रह,
हमें हमारी मिट्टी की याद दिलाता रह।

तेरे तीन रंगों में
कितने बलिदानों की कहानी है,
तेरी हर लहर में
भारत की जवानी है।

तू सिर्फ़ कपड़ा नहीं,
करोड़ों दिलों की पहचान है—

ऐ तिरंगे, तुझ पर
हमेशा हिंदुस्तान को अभिमान है। 🇮🇳
#happy Independence day
#bydiksha

Read More

मेरी आज़ादी........

मुझे वो आज़ादी चाहिए
जहाँ बेटियाँ सपने देखने से पहले
इजाज़त न माँगें।

जहाँ बेटों को रोने के लिए
कमज़ोर न कहा जाए।

जहाँ हर इंसान
अपनी ज़िंदगी का किरदार
खुद लिख सके।

क्योंकि आज़ादी का असली रंग
तभी पूरा होगा,
जब हर चेहरे पर अपनी ज़िंदगी चुनने की मुस्कान होगी। 🇮🇳

Happy independence day
#bydiksha

Read More

🇮🇳 आजादी का मतलब… 🇮🇳

जिस दिन किसी बेटी के सपनों पर
“लोग क्या कहेंगे?” का पहरा नहीं होगा,
जिस दिन किसी बच्चे की उड़ान
उसकी परिस्थितियों से छोटी नहीं होगी,
और जिस दिन हर इंसान
अपने फैसले खुद लेने के लिए आज़ाद होगा…

उस दिन तिरंगा सिर्फ़ आसमान में नहीं,
हर दिल में पूरी शान से लहराएगा। 🇮🇳

Happy independence day to my matrubharti family ✨
#bydiksha

Read More

“मैं बड़ी कब हो गई?”
पता ही नहीं चला…
कब बचपन की वो छोटी-सी लड़की
सबकी नज़रों में “बड़ी” हो गई।
शायद उस दिन,
जब मैंने रोने से पहले ये सोचना सीख लिया
कि मेरे रोने से घर में किसी को परेशानी तो नहीं होगी।
शायद उस दिन,
जब अपनी पसंद से पहले
दूसरों की ज़रूरतें समझने लगी।
शायद उस दिन,
जब लोगों ने कहना शुरू किया—
“तुम तो समझदार हो, तुम संभाल लोगी।”
और मैं हर बार मुस्कुरा दी…
क्योंकि किसी ने पूछा ही नहीं
कि मैं संभालना चाहती भी हूँ या नहीं।
दूसरों की नज़रों में मैं कब बड़ी हुई,
ये आज तक समझ नहीं आया…
बस इतना पता है—
जिस उम्र में मुझे किसी का हाथ पकड़कर चलना था,
उस उम्र में मैंने खुद अपने कदम संभालना सीख लिया।
और शायद यही वजह है…
कि आज भी कभी-कभी
दिल करता है कोई प्यार से कहे—
“तुम बड़ी नहीं हुई हो…
आज भी हमारी छोटी-सी बच्ची हो।” 🥺❤️
#bydiksha

Read More

हुक्म और हसरत
Chapter 19
#Sneak Peek :-

मशीनों की धीमी बीप... बीप... के बीच अर्जुन उसके सिरहाने बैठा था।
उसने धीरे से सिया का हाथ अपने हाथों में ले लिया।
उसकी उँगलियाँ बर्फ़ जैसी ठंडी थीं।
अर्जुन ने उन्हें अपनी हथेलियों में समेट लिया...
और बहुत धीमे से कहा—
"आपको कुछ नहीं होगा।"
"जब तक मैं साँस ले रहा हूँ..."
"...किसी को आपको छूने नहीं दूँगा।"

#Arsia
#HukmAurHasarat
#bydiksha
जल्द ही.....

Read More