क्या हो अगर
मैं कभी खो जाऊं,
तुमसे इतना दूर
कहीं चला जाऊं
कि तुम मुझे मुड़ कर देख ना पाओ.
क्या फिर भी यूं ही मुस्करा सकोगे
या फिर बस यादों में बहाओगे
ये कीमती अश्क...
सुधर जाओ क्योंकि... अभी मैं पास हूं।
जिस पल दूर हुआ
तुम सम्भाल कर हँस भी न पाओगे।
क्या हो अगर मैं कहीं खो जाऊं..
एक ऐसी गहरी नींद में सो जाऊं..
- Manvika Shveta