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मुझे हारने ना देना भगवान
प्रार्थना
मुझे हारने ना देना भगवान
लोग मेरी हार का इंतजार किए बैठे हैं
बस तेरा ही एक सहारा है
रिश्तेदार तो सारे किनारा किए बैठे हैं
बिखरी तो जरूर, लेकिन टूटी नहीं मैं
मुझे टूटा देखने के लिए पत्थर दिल बैठे हैं
अपनों की भीड़ में भी तन्हा हूँ महादेव
मेरे अपनों को खुश रखना, जो
मेरे आँसू देखने को बेताब बैठे हैं
जिसकी किस्मत आपने स्वयं लिखी हो
उसे हारा देखने के लिए नजरें गड़ाए बैठे हैं |
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डॉ वंदना शर्मा पांडव नगर new delhi