— दो दिन का इश्क —
इश्क अधूरा था इसलिए जुदा हुए,
खूबसूरत चेहरों पर जाने कितने फिदा हुए।
दो दिन का इश्क था और लुट आए कहीं,
हम वफा की तलाश में यूँ ही तबाह हुए।
जो कल तक कहते थे "तुम बिन जीना नहीं",
आज वो किसी और की महफिल की सुबह हुए।
अब समझ आया कि हुस्न का बाज़ार है यहाँ,
हम ही नादान थे जो दिल हार कर गुमराह हुए ।
-MASHAALLHA
mere instagram page ko follow kare
@zubane_e_ink28,, instagram Page
https://instagram.com/zubaane_e_ink28