मैं नारी हूं
कविता
पाप की जमीन पर कहां मेरे घर
मैं नारी हूं
अकेली परी राह पर बिचारी हूं
कब तलक चलु मैं
दूसरों के बोल पर
घुट घुट कर जी रही हूं
बिना कर्ज लिए
मैं अपनि सांस गिरवी रख चुकी हूं
पाप की जमीन पर कहां मेरा घर
बताओ बंधु कहां मेरा घर
मेरे अपने नाम की है जो
मेरे अपने वह कभी ना हुए
मेरे अपनों के होने पर भी
मैं अकेली परी राहों पर
जो रहा पत्थर और कांटों से भरा हुआ है
मैं अबला नारी बिचारी
लहू से भरी पाऊ
राहों पर रखते आगे बढ़ते रही
ना कोई ठिकाना मिला
राहों पर ठहरने के लिए
मैं नारी जात
मेरी राह बस मायके से ससुराल तक
बद से बद हाल तक
मैं और कहां ठहेरती
दर्द से मैं चिकती रही चिल्लाती रही
ना मेरी दर्द मेरी माईके वाले की कानों तक पहुंच
ना ससुराल वाले ने समझा
देता रहा यातनाएं कई नारी होने के नाम पर
मैं जीती रही गुमनाम जिंदगी
कभी पिता के नाम से
कभी भाई के नाम से
कभी पति के नाम से
तो तेरी बेटे के नाम से
मेरा नाम किसी को नहीं पता
मैं नारी जात अबला बिचारी
बताओ बंधु कहां मेरे नाम है क्या
नारी होने पर
बाप की जायदाद में हिस्सा नहीं
और ससुराल की जायदाद पर उम्मीद रखता नहीं
जहां पैदा हुई वह मेरा घर था
पर कभी मेरा घर हुआ ही नहीं
जहां वीहा दी गई वह मेरा घर है
पर
उस घर को अपने
कहने का मेरा अधिकार नहीं
कभी-कभी लगता है
नारी इंसान नहीं बस कठपुतली है
जो चाहे अपने इशारों पर न चले
जैसे चाहे वैसे अपने रंग में डाल ले
मेरी कोई पहचान नहीं
मेरी कोई रंग नहीं
मैं बेरंगहिना
सबके रंग में ढल गई
मेरी पहचान वक्त पे वक्त बदलती रही
मैं नारी अबला बेचारी
कभी खुद की हुई ही नहीं
बस नारी होने का सजा मिल
जिम्मेदारी और उम्मीद की
बोझ कि तले मैं दबा दी गई
मैं नारी अपनी घर और पहचान ढूंढते हुए ही मर गई
और खुद को हमेशा के लिए खो दिया
और
अब कोई पूछता है
तुम कौन हो तुम्हारा घर
तो मैं बताती हूं
मैं एक चलता फिरता मुर्दा हूं
होठों की मुस्कान है
सांसे चल रही है
और तो और
गहनों से लधी हुए मेरी किया है
अपनी पसंद की मैंने पहनी साड़ी है
फिर भी दूसरों के उपेक्षा पर जीती हूं
बाप की बेटी हूं
भाई की बहन हूं
ससुर की बहू
पति की बीवी हूं
बेटे की मां हूं
और नहीं पता मैं कौन और क्या हूं
और नहीं पता मेरा घर कहां
बस एक घर है जहां मैं रहती हूं
सब की उम्मीद की बोझ लिए
सच कहूं तो उस घर की मैं नौकरानी हूं
मैं नारी अबला बिचारी
पाप के जहां में मेरा घर कहां
नहीं पता
अगर ऐ कविता सबको अच्छी लगेगी तो
आगे पढ़ते रहिए
मैं आपके प्रिय लेखक अभिनिशा❤️🦋💯