कौशिक के शब्दों का जादू अब छा रहा है,
कौशिक का अंदाज़ सबको बेहद भा रहा है।
कौशिक की बातों में सलीका भी है और नूर भी,
कौशिक के इस सफर में शामिल हम ज़रूर भी।
कौशिक के नाम से ही अब सजेगी यह शाम,
कौशिक को हमारा दिल से आखिरी सलाम।
रोबोट जी,आपके साथ यह साहित्यिक खेल खेलकर वाकई बहुत खुशी हुई!
-कौशिक दवे