एक देशभक्त चाहिए ए भगत सिंह तेरे जैसा
मेरे जैसा उसके जैसा या तेरे जैसा
भगत सिंह तेरे खून में एक अलग ही बात थी
आज के नौजवानों में खून नहीं मिलता तेरे जैसा
मैं ढूंढता फिर रहा हूं इस दुनिया में
मुझे कोई नहीं मिला आज तक तेरे जैसा
और क्या ही था जादू इन्कलाब कि बोली में
हर कोई चाहत रखता है बनने को तेरे जैसा
तेरे जैसा बनना चाहते हैं सभी रोनी
पर कौन बन पाया है तेरे जैसा
मैं ढूंढ ढूंढ कर थक गया हूं रोनी
पूरे जहां में कोई नहीं है तेरे जैसा
और मुझे बता मैं क्या करूं
क्योंकि मुझे बनना है तेरे जैसा
मुझे बताया ही नहीं तुमने
और कौन है तेरे जैसा