Hindi Quote in Questions by Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz

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✤┈SuNo ┤_★_🦋
सत्ता समाज और सुरक्षा का शमशान
      मुर्दा समाज के जीवित लोगों,

आज मैं यहाँ किसी का पक्ष लेने नहीं
बल्कि हम सबकी सामूहिक अंतरात्मा
     का पोस्टमार्टम करने आया हूँ,

गोरखपुर की इस घटना ने यह साबित
              कर दिया है कि,

हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जहाँ
     बेटी बचाओ केवल एक नारा है,

और  बेटी  का  शोषण,  एक  कड़वी
                   हकीकत,

जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, ज़रा
सोचिए, उस 13 साल की  बच्ची  ने
जब उन होटल के कमरों में मदद के
         लिए चीख मारी होगी,

तो  उसे  क्या  मिला.?  कानून  की
सुरक्षा.? नहीं उसे मिला एक होटल   
मालिक और  एक मैनेजर, जिन्होंने
मानवता  को पैरों  तले कुचल दिया,

जब समाज के  व्यापारिक संस्थान
रेप की मंडियां बन जाएं, तो समझ
लीजिये कि  हमारा  पतन शुरू हो
                  चुका है,

देशभक्ति  का  ढोंग  बंद  करो  हम
   बॉर्डर पर दुश्मनों को कोसते हैं,

लेकिन हमारे घर के अंदर छिपे इन
     आस्तीन के सांपों का क्या.?

जो लोग एक बीमार बच्ची को दवा
खिला- कर  उसका  बलात्कार कर
सकते हैं, वे किसी  आतंकवादी  से
                 कम नहीं हैं,

क्या  ऐसे  लोगों  को  पालने वाला
समाज,  खुद  को   देशभक्त   कह
                 सकता है.?

असली  देशभक्ति देश की मिट्टी से
नहीं देश के नागरिक की सुरक्षा से
                  होती  है,

सत्ता और व्यवस्था की नपुंसकता
हम गर्व करते हैं कि हमारी सरकारें
कठोर हैं, लेकिन क्या यह कठोरता
         केवल विज्ञापनों में है.?

अगर एक  बच्ची को 15 दिनों तक
नर्क में रखा  जाता है  और  पुलिस
या प्रशासन  को  भनक  तक  नहीं
लगती, तो यह व्यवस्था  की  सबसे
                 बड़ी हार है,

सजा  ऐसी  होनी  चाहिए  कि उसे
सुनकर ही  आने  वाली  नस्लों  की
रूह कांप जाए, न्याय में देरी, न्याय
                की हत्या है,

क्या हम वाकई आजाद हैं,? आज
तिरंगा फहराते वक्त क्या  हमें शर्म
              नहीं  आएगी.?

सोचने वाली बात है, हम  चाँद पर
पहुँच गए लेकिन अपनी बेटियों को
सुरक्षित  घर  से  बाहर  भेजने  की
  हिम्मत आज भी नहीं जुटा पाते,

ये कैसी आजादी है जहाँ एक बच्ची
का  बचपन  बाजारों  में  नीलाम हो
                    रहा है.?

मेरा सीधा  वार है, उन  नेताओं  पर
जो चुनाव के  वक़्त बेटियों की बात
करते हैं, लेकिन  ऐसी  घटनाओं पर
            चुप्पी साध लेते हैं,

उस कानून पर जो कागजी दांव-पेच
में अपराधियों  को  भागने का मौका
                   देता है,

और  उस  समाज  पर  जो  अपनी
आंखों के  सामने  होते अन्याय को
अपना मामला नहीं है कहकर टाल
                  देता  है,

अगर आज इन दरिंदों आदर्श पांडेय
अभय सिंह, और  अंकित  को  बीच
चौराहे पर ऐसी सजा नहीं मिली जो
                 मिसाल बने,

तो याद रखिएगा अगली बार शिकार
किसी और की बेटी होगी,  और  चुप
      रहने की बारी आपकी...🔥

मेरा भारत महान 🇮🇳
वंदे मातरम् 🇮🇳
#Happy_republic_day
╭─❀🥺⊰╯ 
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#LoVeAaShiQ_SinGh 😊°
⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪   
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Hindi Questions by Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz : 112014121
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