कहते हैं कि नर में होता है नारायण ,
पर उस नर में नारायण को खोजना सिखाया आपने।
भटका सा था युवा भारत का,
उसे सदमार्ग दिखाया आपने।
आध्यात्मिक विचार इज़ सो ओल्ड कहते थे जेन ज़ी ,
आधुनिकता से आध्यात्मिकता का मेल कराया आपने।
जो जा रहे थे नास्तिकता की ओर,
उन्हें राधा रानी की महिमा का भान कराया आपने।
जब लोग मानने लगे राधा कृष्ण को मनुष्य,
तब भगवत शक्ति को खोजना सिखलाया आपने।
ईश्वर भक्ति में मिलता है अलग ही आनंद,
आप क्या है गुरु प्रेमानंद जी! गुरु, मेंटोर, या इंफ्लूएंसर हमने एक ऑलराउंडर है पाया आपमें।
सृष्टि तिवारी ‘शान'