वो एक लडकी हुआ करती थी जो सपनो मे अपनी दुनिया सजाया करती थी।
दुनिया की हकीकतो से थी अनजान युं तितलीयो से खेला करती थी।
ना था कभी डर कहीं गुम हो जाने का बस युं ही नई राह आज़माया करती थी।
खुश रहना उसकी फिदरत थी इसलिए ग़म से कोसो दुर रहा करती थी।
सपनो मे ढुंढा करती थी परींयो को फिर खुद ही परी बन जाने के ख्वाब सजाया करती थी। (क्रमशः)