दिल टूट गया.... कोई बात नहीं
हाथ छूट गया.... कोई बात नहीं
साथ छूट गया.... कोई बात नहीं
मैं राह, तू राही.... कोई बात नहीं
मैं रास्ता, तू मंज़िल.... कोई बात नहीं
तू समन्दर, मैं साहिल...
तू समझदार, मैं जाहिल...
तू कायनात, तू जगत...
तू हर जगह सही, और मैं हर जगह ग़लत!
पर याद रखना...
एक वक़्त ऐसा भी आएगा,
जब मैं हँसूँगा और तू रोएगी...
और ना भी रोई ना...
तो कोई बात नहीं।