कभी अपनों के साथ बैठकर बातें कीजिए, कभी ठहर के प्रकृति को निहारिये , कभी अपनी ही साँसों की आवाज़ सुनिए और कभी बिना किसी उद्देश्य के बस मुस्कुराइए। जीवन केवल आगे बढ़ते रहने का नाम नहीं, बीच-बीच में रुककर यह महसूस करने का नाम भी है कि हम कहाँ हैं, किसके साथ हैं और हमारे पास अभी क्या-क्या सुंदर है।
जाना तो सभी को है थोड़ा ठहरना तो सीखिए।मंज़िल तो एक दिन सबकी आएगी, लेकिन रास्ते में मिले रिश्ते, अनुभव, प्रेम और छोटे-छोटे सुखो का आनंद भी तो लीजिए। इसलिए जब तक सफर है, ठहरना सीखिए, जीना सीखिए और हर पल को महसूस करना सीखिए...
हर हर महादेव 🙏