Hindi Quote in Poem by kanta

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

*Title: "गांव के मौसम का किस्सा"*

*[पहला बंद - गर्मी]*
जेठ की दुपहरी जब तपती है,
मिट्टी से खुशबू उड़ती है।
पीपल की छांव तले बैठे दादा,
हुक्के का कश और पुरानी कथा।
खेतों में लू का नाच चलता,
बैल भी थक कर छांव तलाशता।
पर शाम होते ही बबूल की ठंडी हवा,
कहती है "घबरा मत, रात आएगी।"
चूल्हे की रोटी और छाछ का गिलास,
गर्मी में भी लगता है खास।

*[दूसरा बंद - बरसात]*
फिर एक दिन काले बादल आते,
मेंढक भी खुशी से गाते।
पहली बूंद मिट्टी पर गिरते ही,
सौंधी-सौंधी खुशबू फैल जाती।
बच्चे कागज की नाव चलाते,
नालियों में समंदर बनाते।
खेतों में धान की फसल लहराए,
किसान के चेहरे पर चमक आए।
छत पर बैठ कर पकौड़े खाना,
और बारिश के गीत गुनगुनाना।
रात को टप-टप की आवाज,
लगती है जैसे धरती की साज।

*[तीसरा बंद - सर्दी]*
कार्तिक आया, कोहरा छाया,
सूरज भी देर से मुस्काया।
अलाव के चारों तरफ बैठ कर,
मूंगफली और गन्ने का रस।
दादी रजाई में किस्से सुनाए,
भूत-प्रेत और राजा-रानी के।
खेतों में गेहूं की बालियां,
ओस की बूंदों से नहाईं।
सुबह-सुबह खेतों पर धुंध,
और दूर मंदिर की घंटी की गूंज।
अलमारी से निकले स्वेटर,
चाय में अदरक का जादू।

*[चौथा बंद - बसंत और त्योहार]*
फिर फागुन आया, पीला पीला,
सरसों के खेतों में सूरज खिला।
कोयल कूकती, भंवरे गाते,
पेड़ों पर नए पत्ते लहराते।
होली में गुलाल उड़ता है,
बुआई का जश्न मनता है।
बैसाखी पर गेहूं कटता है,
ढोल की थाप पर नाच होता है।
हर मौसम का अपना रंग,
हर मौसम का अपना ढंग।

*[अंतिम बंद - एहसास]*
शहर में AC और कूलर हैं,
पर वो सुकून कहां?
ना मिट्टी की खुशबू है,
ना चांदनी की बाहें हैं।
गांव का मौसम बदलता है,
पर दिल को छू कर गुजरता है।
धूप हो या बारिश, सर्दी हो या गर्मी,
हर मौसम में अपनापन है।
क्योंकि गांव का मौसम सिर्फ मौसम नहीं,
ये तो मेरी मां की गोद है।

*The End*

---

Hindi Poem by kanta : 112030225

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now