मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम
अयोध्या की गलियों में गूंजा था एक नाम,
राम-नाम की ध्वनि से महका था हर धाम।
पिता का वचन निभाने चले गए वन को ,
बन गए त्याग और धर्म की मिसाल ॥
सीता संग लक्ष्मण , साथ धर्म का चला,
रावण का घमंड भी धूल में मिला।
सेतु बना , पत्थर भी तैरने लगे जल पर ,
भक्ति में ताकत है, ये जग को दिखा गए।
वन के कष्टों में भी धीरज न टूटा ,
धर्म के पथ से कभी पांव न छूटा ॥
हनुमत की भक्ति, सुग्रीव का साथ ,
सबके बल से धर्म ने जीती थी हर बात ॥
राम नाम जपते ही मिटते संकट सारे ,
मर्यादा में जीना उन्होंने सिखाया हमें ॥
सच, प्रेम और करुणा का पाठ पढ़ाया ,
मानवता का सबसे ऊंचा आदर्श दिखाया ॥
आज भी हर दिल में बसे हैं प्रभु श्रीराम ,
आदर्शों के वो दीपक जलाते हैं हमे ॥
जब जब दुनिया भटकेगी राह दिखाएंगे ,
राम राज्य का सपना फिर से साकार करेंगे ॥
Manshi thakur