वो मुजे क्या, क्या दे सकता है ? या दे सकती है ?
ये तो कतई मत देखो, किन्तु.....वो मेरे लिए क्या, क्या छोड़ सकता है ? या छोड़ सकती है ? प्यार में तो बस इतना देखो, क्योंकि ये प्यार हैं, और प्यार में एकदूसरे को कुछ लेने देने से ज्यादा, एकदूसरे की खुशी के लिए, जब कोई ऐसी नोबत आए, तो कुछ छोड़ने की तैयारी होना, इसे ही प्यार कहते है, क्योंकि जीवन में एकदूसरे को हम क्या, क्या दे पाएंगे...? ये तो समय के हाथ में होता है, लेकिन एकदूसरे के लिए हम क्या, क्या छोड़ सकेंगे, ये तो निःसंकोच...
हमारे बस की ही बात है.
- Shailesh Joshi