जिंदगी तब अच्छी नहीं लगती जब कोई ना हो .......
मन के सवालों का जवाब देने वाला कोई ना हो......
अपने से पहले कोई रखने वाला ना हो.......
मन के तूफान का खोया हुआ रास्ता हो.......
ब्लकि तब लगती है जब सब खोने के बाद शांत मन हो और बोलने का मन भी ना हो........
और कोई आकर ढेर सारी बातों के साथ हमें समझना चाहता हो........
और मन भी बस शांत होकर सब सुनना चाह रहा हो.........
चुप होकर भी सब समझा जा रहा हो........
मन के किसी कोने में खोने का डर हो..........
और फिर वहीं बहुत कुछ खो कर कुछ पाना हो
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