राज्य जूरी कोर्ट के प्रस्तावित कानून की कुंजी
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[ टिप्पणी : इस क़ानून को विधानसभा से पास करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री हस्ताक्षर करके इसे सीधे गेजेट में प्रकाशित कर सकते है। इस क़ानून में जहाँ पर “राज्य” लिखा है वहां आप अपने राज्य का नाम लिख सकते है। ]
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(1) यदि आपका नाम राज्य की वोटर लिस्ट में है तो यह कानून पास होने के बाद आपको निचे दिए अपराधो के मुकदमे सुनने के लिए जूरी ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है। जूरी ड्यूटी में आपको आरोपी, पीड़ित, गवाहों व दोनों पक्षों के वकीलों द्वारा प्रस्तुत सबूत देखकर बहस सुननी होगी और सजा / जुर्माना या रिहाई का फैसला देना होगा। मामले की गंभीरता देखते हुए जूरी मंडल में 15 से 1500 तक सदस्य होंगे :
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हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, हिंसा, जान लेवा धमकी, किसी भी प्रकार की अप्राकृतिक मानव मृत्यु, Sc-St Act के मामले
अपहरण, बलात्कार, छेड़छाड़, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, महिला का पीछा करना, दहेज़, घरेलू हिंसा, डिवोर्स।
सार्वजनिक प्रसारण जिनमें सभी प्रकार के दृश्य, श्रव्य, इलेक्ट्रोनिक माध्यम जैसे - फ़िल्में, टीवी, समाचार पत्र, पुस्तकें, फेसबुक, यू ट्यूब आदि शामिल है - से सम्बंधित सभी प्रकार के मामले व आपत्तियां।
किरायेदार-मकान मालिक विवाद, 2 करोड़ से कम मूल्य की प्रोपर्टी के विवाद। मृत्यु भोज की शिकायतें ।
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(2) जूरी सदस्यों की आयु 25 से 50 वर्ष के बीच होगी और जूरी का गठन मतदाता सूची में से लॉटरी द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक मुकदमे की सुनवाई के लिए अलग से जूरी होगी, और फैसला देने के बाद जूरी भंग हो जाएगी।
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(3) प्रत्येक जूरी सदस्य अपना फैसला बंद लिफ़ाफ़े में लिखकर ट्रायल एडमिनिस्ट्रेटर या जज को देंगे। दो तिहाई सदस्यों द्वारा मंजूर निर्णय को जूरी का फैसला माना जाएगा। जूरी द्वारा दिए गए निर्णय को जज द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। यदि जज जूरी के फैसले को खारिज या संशोधित करना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है।
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(4) इस क़ानून के गेजेट में छपने के 30 दिनों के भीतर प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी। जिला स्तर के निम्न 8 अधिकारी इस वोट वापसी पासबुक के दायरे में आयेंगे :
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जिला पुलिस प्रमुख
जिला शिक्षा अधिकारी
जिला चिकित्सा अधिकारी
जिला निदेशक अभियोजन
जूरी प्रशासक
जिला जज
राज्य सूचना आयुक्त
जिला मिलावट रोक अधिकारी
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यदि आप उपरोक्त किसी अधिकारी के काम से संतुष्ट नहीं है और उसे निकालकर अन्य व्यक्ति को लाना चाहते है तो पटवारी कार्यालय में जाकर स्वीकृति के रूप में अपनी हाँ दर्ज करवा सकते है। आप अपनी हाँ SMS, ATM या मोबाईल APP से भी दर्ज करवा सकेंगे। आप किसी भी दिन अपनी स्वीकृति दे सकते है, या स्वीकृति रद्द कर सकते है।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करते है तो CM को एक पोस्टकार्ड / ट्विट भेजे -- मुख्यमंत्री जी, राज्य जूरी कोर्ट गेजेट में छापें - #StateJuryCourt
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पूरा ड्राफ्ट इस लिंक पर देखें - https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/2298624793589077
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