ठोकर खाने से क्यों घबराना
माना थोड़ी चोट जरूर लगेगी
लेकिन कदमों को मजबूती भी मिलेगी
सीख जाओगे थोड़ा संभलकर चलना
पहले से कहीं बेहतर दिखने लगेगा
हौसलों को एक नया आयाम मिलेगा
अपने पराए का भेद पता चलेगा
जिंदगी में एक नया तजुर्बा जुड़ेगा।
सरोज प्रजापति
- Saroj Prajapati