गणतंत्र :
हम गणतंत्र में घुलमिल जायें
गण का मन हो,गण की भाषा
गण का जीवन स्वस्थ सफल हो।
गण की गंगा, गण का गगन
धरा गण की पावन धारा,
सीमाओं में खुली पवन हो
घर-घर अपना स्वतंत्र साथ हो।
चलना सबका सहज सरल हो
गण के अन्दर सत्य सशक्त हो
गण का मन हो,गण की भाषा।
आदि शक्ति से जुड़ा हुआ हो
तन की आभा सर्वत्र विकीर्ण हो,
मन से विजयी, मन से व्यापक
कई सूर्य की चमक लिया हो।
जन का वलिदान
जन का अर्पण,
जन के नियम,जन का राष्ट्र
गणतंत्र हमारा जीवन हो।
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गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।
*** महेश रौतेला