. राम भजन
सबरी के सब्र
रोज डगर निहारूं मैं,
फूलों से सजाऊं-2
कुटिया संवारु मैं,
रसता निहारूं
बरसों की उम्मीद है,
भगवान मेरे आएँगे -2
राम मेरे आएँगे,
प्रभु राम मेरे आएँगे
राम मेरे आएँगे,
सियाराम मेरे आएँगे
बगिया से सुन्दर- सुन्दर,
मीठे बेर लाती हूँ
चख-चखकर उन्हें,
थाली में सजाती हूँ -2
आएँगे वो दूर से,
भोग लगाएंगे -2
राम मेरे आएँगे,
प्रभु राम मेरे आएँगे
राम मेरे आएँगे,
सियाराम मेरे आएँगे
सबर में सबरीके,
उम्र ढल गई
प्रभु तेरी भक्ति में,
ये जीवन रम गई-2
जितना तड़पी हूँ,
सम्मान वो दिलाएंगे
आके मेरी कुटियाके,
भाग्य जगाएंगे
राम मेरे आएँगे,
प्रभु राम मेरे आएँगे
राम मेरे आएँगे,
सियाराम मेरे आएँगे
2. ना कोई गीत कोई नगमा
ना कोई गीत कोई नगमा,
ना कोई साज लिख रहा हूँ
गरीबी बेरोजगारी का,
मैं आवाज लिख रहा हूँ
मुझे रोटी की चाहत है,
क्या धर्म का करूँगा
किताबें चाहिए मुझको,
कलम की बात लिख रहा हूँ
ना कोई गीत कोई नगमा,
ना कोई साज लिख रहा हूँ
गरीबी बेरोजगारी का,
मैं आवाज लिख रहा हूँ।
3. पापा मेरे
पापा मेरे
सुबह सूरज निकलने पहले घर छोड़ देते
मेरे खुशियों के खातिर,
दिनभर हैं भटकते
शाम को सूरज ढलने के बाद ,
हैं घर लौटते
कितना ख्याल रखते हैं मेरा ,
पापा मेरे
खुद पहनकर फटे - पुराने
मेरा हर ख्वाहिश पूरा करते हैं
आँसू नहीं देख सकते हमारे ,
वो दुनिया से लड जाते हैं
कितना चाहते हैं मुझे
पापा मेरे
कभी बनके एक दोस्त मेरे ,
मेरे साथ रहा करते हैं
हर गलतियों को टटोलकर,
एक अच्छी सलाह भी देते हैं
कहीं चूक ना जाऊँ मैं कहीं ,
हर कदम पर साथ देते हैं
पापा मेरे।