कोन कहता है,,
कि किसी की फिक्र करने के लिए हमेशा पास होना जरुरी है।
सिर्फ दिल से हाल पूछ लेती है वो
कदर और केयर करने के लिए बस दिल से खास होना जरुरी है
इसी तरह एक दोस्त है
उसकी जगह दोस्तों में सबसे खास है
मगर जितनी फिकर वो करती है।
शायद ही ऐसा कोई हो जो दिल के इतने पास है।
दिखावा नहीं करती वो बस फिकर जताने का,,
वो सब के लिए दिल से फिकर जताती है।
खून का रिश्ता हो या दोस्ती का,,
वो अपना हर एक रिश्ता,,दिल से निभाती है
दोस्त के तो गम में साथ रोती हैं
और उन के खुश होने पर मुस्कुराती है
उदास होने पर एक पल के लिए साथ नहीं छोड़ती
पता लगे हां अब ठीक है,,,तब उसको चैन की सांस आती है
उसका स्वभाव — जैसे खुला आकाश,
हर किसी से बातें, हर किसी पर विश्वास।
गम का हर लम्हा वो मुस्कुराकर काट देती है,
दोस्तों का दर्द तो टुकड़ों में बांट देती है
ये वो लड़की है जो चुप सी रहती है,
मन उदास भले हो फिर भी कुछ ना कहती है
टूट भी जाए वो तो कहे — “ठीक हूं में”
पर दिल के सारे दर्द वो अकेले सहती है
उसको ये ही समझ नहीं आता भगवान से क्या मांगना,,,
ओर आँखें बंद करके ना जाने क्या कहती है।
हाथ जोड़ कर बैठ जाती है दर पर।
रहें खुश उसके अपने सारे ,,यही कामना रहती है।
वजन में हल्की बहुत है वो,,
लेकिन बातें उसकी बहुत भारी हैं
पतली सी वो दोस्त मेरी,,
सच में बहुत ही मासूम और प्यारी है।
हर एक लाइन उसके लिए अलग है।
क्योंकि वो इतनी ही खास है
लोग ढूंढते है चांद का सा टुकड़ा।
वैसा ही एक दोस्त मेरे पास है।
वो सिर्फ़ एक दोस्त नहीं,
एक एहसास है — जो हर मुलाक़ात में मुस्कुरा जाता है।
बातें उसकी जैसे गर्मी में ठंडी छांव,
हर लफ्ज़ में अपनापन नजर आता है।
मुझे ये लिखने पर बस एक बात का गम है
उसके लिए जितना लिखूं उतना कम है।