Dear December
दिसंबर आज आख़री दिन है तुम्हरा और तुम प्यार मे बदनाम हो दिसंबर ।
लोग खुद बदल जाते है और इल्जाम तुम पर लग जाता है।
तुम्हे पता है दिसंबर की जनवरी तो सिर्फ नई सुरुवात के लिए आता है, जैसे लोग जीवन मे ऐसे आते है जैसे की उनसे ज्यादा खास कोई नही है हि नही अपना ,और मेरे प्यारे दिसंबर तुम तो उन लोगो की औकात दिखाते हो ।
तुम ये सिखाते हो की हर बार हम नये वर्ष कुछ करना चाहते है बड़े बड़े सपने देखते है की नये वर्ष मे ये करना है । मेहनत करना सब , लेकिन आखिर मे तो तुम हमे सिखाते हो की सिर्फ सपने देखना हि अच्छा नही उनको पूरा भी करना पड़ता है।
दिसंबर: जैसे की मै तो फिर आ जाऊंगा ।
लोग सिर्फ मेरा अभी पेज बदलेंगे , लेकिन एक दिन पेज बदलते बदलते मै फिर आ जाऊंगा ।
दिसंबर: और तुम्हारा क्या ,तुम्हारे सपनो का क्या , और तुम्हारे अपनों का क्या।
कहा गये तुम्हारे वो अपने जो दिखा रहे थे हर मुसीबत मे साथ रहने के सपने।
अब नही दिख रहे वो हाथ जो कहते थे की मै हमेसा रहूंगा तुम्हारे साथ।
मै: हा कोई नही है मेरे साथ , लेकिन........
दिसंबर : लेकिन क्या.......
मै : तुम भी तो जा रहे हो लोगो की तरह मुझे अकेला छोड़ कर।
दिसंबर : अरे तो जनवरी आ रहा है ना सब खुस है नई शुरुआत के लिए तुम भी खुस हो वैसे भी लोग मुझसे क्या हि उम्मीद रखते है।
मै: 🥹🥹🥹
दिसंबर : क्या हुआ अब ....
मै: खास तो वो होता है ना जो हमे समझाये की तुम्हारे सपने और अपने कैसे है और तुम्हे उनके साथ कैसे रहना है । कौन हमरा है कौन नही।
दिसंबर : मुझे तो जाना पड़ेगा ना यार
मै : 🥹🥹.........
दिसंबर : एक वादा करो....
मै : क्या
दिसंबर : जो तुम्हारा है तुम सिर्फ उसी के रहोगे मतलब के रिस्ते जहा हो वहा से दूर रहोगे जो तुम करना चाहते हो वो करोगे लोग क्या सोचते है तुम्हे नही सोचना ।
मै: लेकिन .....
दिसंबर : क्या लेकिन हमेसा तो तेरे साथ ऐसा हि होता है।
मै : ठीक 😞
दिसंबर : मै तो आऊंगा फिर लेकिन तुम्हे अहसास दिलाता रहूंगा की महीने गुजर रहे है और मै फिर से आने वाला हु , और तुम सोचो की क्या हुआ उन वादों का और क्या हुआ उन सपनो का ।
मै : ठीक 😞
दिसंबर : ठीक है फिर मै चलता हु ख्याल रखना अपना ।
मै : ठीक है फिर मिलेंगे एक नई कहानी के साथ 😞 📝
आकाश गुप्ता 📝🥀😟