धड़केगा दिल अब किसी को नहीं बताएंगे,
आईने में देख के अब कभी नहीं मुस्कुराएंगे।
हुस्न पर मर मिटने वाले जाने कितने मिलेंगे,
दिल पर दस्तक देने वाले दिल जीत नहीं पाएंगे।
मोहब्बत की खिड़कियों से झाँकती हैं ये आँखें,
सबा के झोंके अब मेरा दरवाजा नहीं खटखटाएंगे।