"तलाश नए दर्द की"
एक लड़की आज उदास है,
खुद से ही कुछ नाराज़ है।
उलझी है कागज और कलम के साथ
क्यों कम पड़ रहे आजकल अल्फाज़ है।
अर्श पे बैठी तक रही आसमान है,
कुछ अधूरे से दिल में अरमान है।
कुछ अच्छा लिखने का ख़्वाब है,
मग़र दिल में कुछ इज़्तिराब है।
डगमगाया खुद से उसका ऐतबार है,
जाने क्यों हो रही ये नम अब्सार है।
मरती जा रही है उसके अंदर की शायरा,
इसलिए अब एक नए दर्द की उसको तलाश है।
Kirti Kashyap"एक शायरा"✍️
अर्श = छत
इज़्तिराब = बेचैनी, घबराहट
अब्सार = आँखें