ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं कविता का शीर्षक है!🌹,,शब्दों की धारा,,🌹
शब्दों की ज्ञान-धारा बहती,
जैसे हवाओं में बहते आ रहे हैं।
आसमान से निहार रहे हैं,
लहरों से पुकार रहे हैं।
ख़यालों में समा रहे हैं,
बारिश की बूंदों में महक रहे हैं।
उनकी खुशियों से बहका रहे हैं,
जिस तरफ़ देखो वहाँ शब्दों की बहार है।
गुनगुनाते, झिलमिलाते,
चमकते हुए सदा साथ हैं।
शब्द ही मन की भाषा हैं,
शब्द ही जीवन की परिभाषा हैं।
— ✍️ ममता गिरिश त्रिवेदी