**जीवन का अर्थ**
जीवन पथ पर चल रहा पथिक,
हर मोड़, हर राह अनजानी।
धूप-छाँव में ढूँढ़ता अर्थ,
स्वप्न-सा पल-पल समानी।
हार-जीत के मायने यहां,
क्षणिक हैं, ठहरते नहीं।
संग लेकर समभाव सदा,
कर्म ही साथी सही।
जीवन का ध्येय न बाहरी दिखावे में,
बल्कि अंतर में छुपा प्रकाश।
जो भीतर टटोलता है सत्य को,
वहीं जान पाता अपना हास्य-विलास।
कोई पर्वत, कोई नदी,
हर एक बूँद में गहराई।
आशा का दीप जले हृदय में,
अंधकार को रखे परायी।
सपनों का पीछा करते-करते,
मत खो जाना वर्तमान में।
हर क्षण में बसा है ब्रह्म,
हर गति में छिपा परम ज्ञान में।
इस जीवन को अपनाओ मुस्कान से,
हर चुनौती को लो वरदान से।
मन में विश्वास जलता रहे,
हर दिन जीयो नई पहचान से।
आर्यमौलिक