कहते हैं, कलम में बहुत ताक़त होती है,
मगर काश… मेरी कलम में जादू भी होता।
मैं जो लिखती, वही हक़ीक़त बन जाता,
ख़्वाब लिखती, तो वो सच हो जाते,
प्यार लिखती, तो वो मुकम्मल हो जाता,
ख़ुशियाँ लिखती, तो दामन भर जाते।
दर्द लफ़्ज़ों में नहीं, हवाओं में खो जाते,
जिन्हें दोस्त कहती, वो सच्चे दोस्त बन जाते,
ज़िन्दगी लिखती, तो मौत भी मुस्कुरा जाती।
मैं अमन लिखती, तो जंग ख़त्म हो जाती,
इंसानियत लिखती, तो नफ़रत मिट जाती,
हर लफ़्ज़ से कोई नई कहानी जन्म लेती,
और मैं लिखते-लिखते, दुनिया बदल देती।
फिर मैं बहुत कुछ लिखती,
काश… काश मेरी कलम में जादू होता।✍️
Kirti Kashyap"एक शायरा"✍️