📱✨ मोबाइल – बच्चों की नज़र से ✨📱
मोबाइल छोटा डब्बा प्यारा,
उसमें छुपा है जग सारा।
गाना, कहानी, खेल दिखाता,
पल में दूर का हाल बताता।
पढ़ाई में भी काम ये आता,
शिक्षक जैसा हमें सिखाता।
कभी बने ये दोस्त हमारा,
रंग-बिरंगा ख्वाब संवारा।
मम्मी-पापा कहें संभल बेटा,
मोबाइल को मत बनाना नेता।
किताबों संग खेलो भी तुम,
बाहर की हवा को भी गुनगुन।
पंछी जैसे उड़े आकाश,
वैसे ही दो मन को प्रकाश।
मोबाइल अच्छा, बुरा भी है,
जो इसमें खोया, वो दुखी है।
सीख अगर इससे हम लें,
ज्ञान की सीढ़ी ऊँची चढ़ें।
पर खेल में जो डूब गया,
वो अपना सुनहरा समय गँवाया।
इससे मिलती दुनिया सारी,
मिलती हँसी, कहानियाँ प्यारी।
पर असली दुनिया भी है पास,
दोस्त, खेल और किताबें ख़ास।
बच्चे अगर समझदारी दिखाएँ,
मोबाइल से भी तारे चमकाएँ।
सीखें इसमें, मुस्काएँ इसमें,
खुशियाँ पाएँ और खिलखिलाएँ इसमें।
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Writer_
Dharmendra Kumar