"मजबूरी मेरी थी, बेवफाई नहीं,
ख़ामोशी थी मेरी, सच्चाई नहीं।
अगर यूँ ना जाती, तो भूल न पाते,
तेरी यादों में मैं, सदा बस जाती।
बेक़सूर थी मैं, वक्त ने सज़ा दी,
तुझसे जुदाई, खुदा ने रज़ा दी।
अगर छोड़ न जाती, तू समझ ना पाता,
मेरे प्यार में कितना असर था बाकी!"
kajal Thakur 😊