हर नारी की एक जैसी कहानी सुनना जरा,
मेरे हिस्से दो घर आए दोनों ही पराए।
दोनों घरों में फर्क इतना जमी आसमा जितना,
एक में डोली में बैठाई दूसरे घर से जनाजा उठाया।
एक घर मैने पाया जन्नत जैसा ,
दूसरे घर को कोशिश की मैने बनाने की जन्नत जैसा ।
एक घर में मुझे मुसीबत से बचाया जाता हैं ,
दूसरे घर को मुसीबत से मुझे बचाना पड़ता हैं।
दुआ हैं हमेशा रहे महफूज मायका मेरा,
हमेशा मुस्कुराता महकता रहे ससुराल मेरा।