आज हर कोई बात कर रहा है उन लोगों की…
जो जीत गए, जो सेलेक्ट हो गए, जिनके नाम लिस्ट में हैं।
और हां, उन्हें सलाम है — उनकी मेहनत को सम्मान मिलना चाहिए।
लेकिन क्या कोई बात करेगा उन लोगों की…
जो नहीं जीत पाए?
जो दिन-रात लगे रहे,
किताबों से बात की,
दुनिया से दूर हुए,
हर खुशी टाल दी सिर्फ एक सपना पूरा करने के लिए —
लेकिन फिर भी…
इस बार वो नाम उस लिस्ट में नहीं था।
क्या वो हार गए?
क्या उनकी मेहनत व्यर्थ गई?
नहीं। बिल्कुल नहीं।
क्योंकि जो गिरकर भी दोबारा खड़े होते हैं,
जो खुद से लड़ते हैं —
असली जीत तो उन्हीं की होती है।
हमने अक्सर सुना है —
‘सफलता मायने रखती है’
पर मैं कहती हूं —
कोशिश मायने रखती है।
क्योंकि कोशिशें ही होती हैं
जो इंसान को मजबूत बनाती हैं,
और जो मजबूत होता है…
वो कभी भी हारता नहीं है।
तो आज…
मैं सलाम करती हूं उन सभी को
जिनका नाम नहीं आया,
पर जिन्होंने खुद को नहीं छोड़ा।
जो अब भी आगे बढ़ने की हिम्मत रखते हैं।
जो जानते हैं कि
एक नाकामी — आखिरी नहीं होती।
क्योंकि ज़िंदगी कोई एक एग्ज़ाम नहीं,
ये तो एक सफर है —
और जो चल रहा है, वो हार नहीं सकता।
तो उठो, मुस्कुराओ,
और फिर से चल पड़ो।
"अगली लिस्ट… शायद तुम्हारे नाम से शुरू हो।”