किसी को चाहना ...
आसान कहां होता है,
खुद को खोना पड़ता है ,
उसे पाने के लिए,
भुलाकर खुद को ,
उसकी बातें याद रखना,
अरे इतना आसान भी नहीं ,
खुद को नजरंदाज करना,
उसकी खुशी उसकी हंसी,
सारी बातें उसकी,
बस यही याद रहता है ,
हर लम्हा हर घड़ी,
हर घड़ी उसको ही,
खुद में महसूस करना,
अपने वजूद को ,
भुला देना है आसान कहां,
उसका न होना ,
दिल को मायूस करता है,
उसकी बस एक झलक पाने को ,
दिल तरसता है,
वो हंस दे तो मानो,
खिले हों फूल कितने ,
उसकी खुशी के लिए ,
खुद का गम भी छुपाना पड़ता है,
उसकी आंखों में टिमटिमाते है ,
न जाने सितारे कितने,
फिर तो गर्दिशों में भी ,
दिल नही डरता है,
उसके ख्यालों से निकलें ,
तो पाएं खुद को,
उसी के वजूद से ही मानो,
ये सारा जहां चलता है...!