संत कबीरदास-- बादशाह सिकंदर लोदी के धार्मिक गुरू शेख तक़ी की बेटी कमाली मर चुकी थी, उसे दफनाया भी जा चुका था। उसने बादशाह से कहकर कबीरदास जी को बुलवाया और बेटी को जीवित करने के लिए कहा। कबीरदास जी ने ईश्वर को याद किया और कमाली को बुलाया। कमाली कब्र से उठकर बाहर आ गयी। यह थी कबीरदास जी पर भगवान की कृपा। कृपा आप पर भी हो सकती है। नैशपीठ में चल रहे रामाधुन में आप आइए अपने बच्चों को भी भेजिए। आपका शुभेच्छु, गणेश तिवारी पीठाधीश्वर नैशपीठ ।