सूरदास-आप जन्म से अन्धे थे परन्तु कृष्ण भक्त थे। एक रात वह कुएँ में गिर गए। भगवान ने उन्हें निकाला और दर्शन दिए। यह थी सूरदास पर भगवान की कृपा। कृपा आप पर भी हो सकती है। नैश पीठ में हो रहे २१ दिवसीय रामाधुन में आप आइए और अपने बच्चें को भी भेजिए। आपका शुभेच्छु, गणेश तिवारी पीठाधीश्वर नैशपीठ।